वाणी–वन्दना

 
 

कितने दधीचियों ने अस्थियों का दिया दान

 
 

सबके दिलों में ‘हिन्दुस्तान होना चाहिए

 
 

हर भारतीय को सुभाष होना चाहिए

 
 

शत्रु-नाश-हेतु काल विकराल हम है

 
 

शिवाजी मराठा सरदार को प्रणाम हैं

 
 

गुरुजी की पावन कहानी याद कीजिए

 
 

आन-बान वाले राजस्थान को प्रणाम है

 
 

राणा जी प्रताप की तपन को नमन है

 
 

लक्ष्मीबाई तेरी तरुणाई को नमन् हैं

 
 

दिल्ली चलो वाली ललकारों को नमन हैं

 
 

सेल्युलर जेल की दीवारों को नमन् है

 
 

हुए जो शहीद, हम सबके दुलारे थे

 
 

तीज

 
 

प्रेम के प्रसंग रसवाली होली आई रे

 
 

महकती मारीशस माटी को प्रणाम है

 
 

सूरीनाम को प्रणाम है

 
 

वन्दे मातरम्

 
 

 

 
     
     
 

 

दिव्य-चेतना का गान, भारत का स्वाभिमान

शहीदों का वरदान गीत वन्दे मातरम

गौरव का देता ज्ञान, नवयुगी अभियान

एकता की पहचान गीत वन्दे मातरम

शान्ति का है परिधान, तीन रगों की है शान

नव क्रान्ति का विहान गीत वन्दे मातरम

मित्रता की है ये आन, बैरी के लिए कृपाण

सबका ही है महान गीत वन्दे मातरम्

 

 
 
 
   
   
   
   
 
     
 

|  मुख्य पृष्ठ |  अपने मित्र को बताएं | अपने विचार  लिखे   | अपनी विशेष सूची में जोड़े |

 
 

परिचय |संस्मरण |अनुभव की धारा |चित्र दीर्घा |छन्द-निर्झर |गीत-सरिता |दोहा-सागर |मुक्तक |ग़ज़ल |पुस्तकें |सी.डी.|वीडियो |प्रैस |सम्पर्क

 
 

सर्वाधिकार सुरक्षित © 2006 | इ-मेल: mail@gajendersolanki.com